संतुलन ही सुरक्षा है।

संतुलन ही सुरक्षा है।

इसलिए, जो कोई भी मेरी ये बातें सुनता है और उन पर अमल करता है [यानी उन्हें मानता है], वह उस समझदार (बुद्धिमान, व्यावहारिक, अक्लमंद) इंसान की तरह होगा जिसने अपना घर चट्टान पर बनाया।

संतुलन बिगड़ने पर शैतान लोगों की अच्छी ज़िंदगी छीनने का मौका पा जाता है।

शैतान उन्हें हद से ज़्यादा या अतिवादी जीवन जीने के लिए उकसाता है। वह कुछ लोगों को काम में इतना डूबा देता है कि वे बस काम ही करते रह जाते हैं, तो कुछ को आलसी बना देता है; जो भी तरीका उन्हें अनुत्पादक बनाए रखे, वह वही अपनाता है। वह कुछ लोगों को परमेश्वर से ज़्यादा दौलत के पीछे भागने के लिए प्रेरित करता है, तो दूसरों को यह यकीन दिलाता है कि गरीबी ही ईश्वरीय गुण है। मेरा मानना ​​है कि संतुलित जीवन ही एकमात्र सुरक्षित जीवन है।

और संतुलित जीवन तब मिलता है जब हम अपनी प्राथमिकताओं को परमेश्वर के सत्य के अनुसार रखते हैं। परमेश्वर से प्रार्थना करके और अपने लिए उनकी योजना को सुनकर अपने जीवन को मज़बूत और सुरक्षित आधार पर खड़ा करें।

हे पिता, मुझे संतुलित जीवन जीने में मदद करें, जो अति और चरम सीमाओं से मुक्त हो। मेरी प्राथमिकताओं को आपके सत्य के अनुरूप रखें और मुझे अपना जीवन आप पर आधारित बनाने में मदद करें।

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